Uthat Ba Bihar cover art

Official Lyrics

Uthat Ba Bihar

Official Bhojpuri lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameUthat Ba Bihar
Lyrics LanguageBhojpuri

Bhojpuri

Uthat Ba Bihar Lyrics

[INTRO] गंगा के धार, कोसी के पुकार, माटी में दरद, आँख में अंगार। बहुत कुछ गइल, बाकिर हिम्मत ना हार, राख से उठत बा फेर बिहार। [HOOK] उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, अन्हरिया चीर के बढ़त बा बिहार। गाँव से शहर, शहर से संसार, अपना दम पर चढ़त बा बिहार। उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, मेहनत के जोर पर चलत बा बिहार। हाथ में हुनर, आँख में विचार, भारत के ताकत बा हमार बिहार। [VERSE 1] माटी में दौलत, नीचे खजाना, बाकिर अपना घर तरसल कारखाना। कच्चा माल निकलल, दूर बनल सामान, घरे के जवान खोजे बाहर काम। मौका कम मिलल, मेहनत बेहिसाब, पीढ़ी दर पीढ़ी लंबा रहल हिसाब। फेर नक्शा बदलल, बहुत कुछ छूटल, बाकिर ई माटी के हौसला ना टूटल। कोसी जब गरजल, गाँव बह गइल, गंडक चढ़ल, पूरा खेत ढह गइल। एक ओर बाढ़, एक ओर सुखाड़, तबहूँ अगिला भोर उठल बिहार। घर गिरल—फेर ईंट उठवलस, फसल गइल—फेर बीया डललस। रास्ता बंद—नयका राह बनवलस, दुनिया रोकल—आगे कदम बढ़वलस। [FLOW SWITCH] हमनी के आदत बा गिर के उठे के, खाली सपना ना—सपना के गढ़े के। जे बाहर गइल ऊ नाम कमइलस, जहवाँ मौका मिलल झंडा गड़इलस। [FAST RAP] किताब से कैरियर, मेहनत से नाम, छोटका कमरा से बहुत बड़ा मुकाम। रात भर पढ़ाई, बिहान से काम, जेब भले हल्का, दिमाग में तूफान। आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर तैयार, इंजीनियर बनावे पुल आ बाजार। वैज्ञानिक खोजे नयका विचार, कोडर के स्क्रीन पर दौड़े बिहार। बैंक के डेस्क हो, अदालत के द्वार, रेल के पटरी हो, अस्पताल के वार्ड। जहवाँ जिम्मेदारी, जहवाँ मेहनत भारी, ओहिजा मिल जाई आवाज बिहारी। [BEAT CUT] ई बोझ ना ह। ई ताकत ह। [HOOK] उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, अन्हरिया चीर के बढ़त बा बिहार। गाँव से शहर, शहर से संसार, अपना दम पर चढ़त बा बिहार। उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, मेहनत के जोर पर चलत बा बिहार। हाथ में हुनर, आँख में विचार, भारत के ताकत बा हमार बिहार। [VERSE 2] अब कहानी खाली पलायन के ना, अपना घरे मौका बनावे के बा। जे हुनर बाहर शहर उठवले बा, अब ओही हुनर से घर सजावे के बा। मखाना के खेत से दुनिया के थाल, लीची के खुशबू, मक्का बेमिसाल। भागलपुर रेशम, किसान के कमाल, अब कच्चा ना जाई—बनी तैयार माल। खेती से प्रोसेसिंग, प्रोसेसिंग से व्यापार, व्यापार से नौकरी, नौकरी हजार। सड़क से बाजार, नेटवर्क तैयार, हर जिला बने अपना विकास के द्वार। [FLOW SWITCH] पटना से पूर्णिया, गया से चंपारण, दरभंगा से भागलपुर उठे नया कंपन। छोट शहर बोले—हमहूँ तैयार, अब खाली राजधानी ना, पूरा बिहार। पढ़ाई बा ताकत, युवा बा पूँजी, सोच अगर जागल त दूरी का बूझी? डिजिटल दुनिया में सीमा कहाँ बा? गाँव में दिमाग बा—कमी कहाँ बा? [RAPID FIRE] कोड करी, शोध करी, कारोबार खड़ा करी, खेत के उपज के दुनिया से जुड़ा करी। ज्ञान के उद्योग, उद्योग के रोजगार, रोजगार से घरे रही परिवार। डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर, किसान, वैज्ञानिक, शिक्षक, जवान महान। मजदूर के हाथ से शहरन के शान, देश के हर कोना में अपना निशान। ना दया के चाह, ना खाली बयान, मौका मिले बराबर, देख कमाल। जे पीढ़ी सहलस ऊ अब तैयार, पीछे के दर्द से आगे के रफ्तार। रोक सका त रोक—अब चाल तेज बा, नयका सोच बा, नयका अंदाज बा। कल तक सवाल रहे—कब बदली बिहार? आज जवाब बा— बदलत बा बिहार। [HOOK] उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, अन्हरिया चीर के बढ़त बा बिहार। गाँव से शहर, शहर से संसार, अपना दम पर चढ़त बा बिहार। उठत बा बिहार, उठत बा बिहार, मेहनत के जोर पर चलत बा बिहार। डॉक्टर से किसान, जवान से इंजीनियर, हर हाथ बोले— हम हईं बिहार। उठत बा बिहार। बढ़त बा बिहार। भारत के रफ्तार में धड़कत बा बिहार। [OUTRO] जे सहनी, ऊ याद बा। जे बनाइब— ऊ इतिहास बनी। बिहार।