[Intro]
तू लौट आ...
बस एक दफ़ा...
ये दिल अभी भी
तेरा ही पता...
[Verse 1]
तेरे जाने के बाद भी, कमरा वही महकता है,
आधी खुली उस खिड़की पर, पर्दा तुझे ही तकता है।
मैं हँस देता हूँ दुनिया में, घर आके बिखर जाता हूँ,
तेरी छोड़ी ख़ामोशी से, हर रात गुज़र जाता हूँ।
तेरी आहट-सी लगती है, जब हवा दर से आती है,
एक पल दिल ये मान भी ले — तू लौट के घर आती है।
फिर सन्नाटा कह देता है, तू अब यहाँ रहती नहीं,
पर इस पागल दिल को देख — ये बात समझ आती नहीं।
[Pre-Chorus]
क्यों हर दुआ तुझपे आके रुके,
क्यों हर हँसी होंठों पे आके झुके?
जितना तुझे भूलना चाहा मैंने,
उतना ही दिल तेरी ओर मुड़े...
[Chorus]
तू लौट आ... अगर सुन रही है कहीं,
मेरे दिल का दर बंद हुआ ही नहीं।
मैं टूट के भी तेरा ही रहा,
ये इश्क़ मुझमें मरा ही नहीं।
तू नाम बनके साँसों में है,
तू दर्द बनके रातों में है।
मैं जी तो रहा हूँ, मगर जीता नहीं,
तू गई तो मुझमें मैं बचा ही नहीं।
[Post-Chorus]
तू लौट आ...
तू लौट आ...
दिल आज भी तुझसे यही कह रहा —
तू लौट आ...
बस लौट आ...
[Verse 2]
तेरी तस्वीर हटाकर भी, वो जगह नहीं बदली,
मैंने रातें बदल डालीं, ये सज़ा नहीं बदली।
हर शहर में ढूँढा तुझको, हर भीड़ में आवाज़ दी,
वक़्त बदलता रहा लेकिन, मेरी वफ़ा नहीं बदली।
हर मोड़ पे लगता है तू सामने मिल जाएगी,
मेरी तरफ़ देखकर फिर पहले-सी मुस्काएगी।
एक ख़्वाब है जो टूटकर भी आँख से जाता नहीं,
तेरे बाद कोई चेहरा दिल में उतर पाता नहीं।
[Pre-Chorus]
अब कौन-सी राह तुझ तक जाए?
कौन-सी रात तुझे लौटाए?
मैंने ख़ुद को बहुत समझाया,
दिल हर बार तेरा हो जाए...
[Chorus]
तू लौट आ... अगर सुन रही है कहीं,
मेरे दिल का दर बंद हुआ ही नहीं।
मैं टूट के भी तेरा ही रहा,
ये इश्क़ मुझमें मरा ही नहीं।
तू नाम बनके साँसों में है,
तू दर्द बनके रातों में है।
मैं जी तो रहा हूँ, मगर जीता नहीं,
तू गई तो मुझमें मैं बचा ही नहीं।
[Bridge]
अगर मेरी याद तुझे भी रुलाए,
तो आँसू को बह जाने दे...
जो मेरा था, जो तेरा था,
उसे दिल में रह जाने दे...
कुछ इश्क़ मुकम्मल होते नहीं,
कुछ ज़ख़्म कभी भर पाते नहीं...
हम साथ भले अब रहते नहीं —
पर इश्क़ को मर जाने न दे...
[Rock Break]
मर जाने न दे...
मर जाने न दे...
जो हममें था...
उसे मर जाने न दे...
[Final Chorus]
तू लौट आ... चाहे देर ही सही,
मैंने उम्मीद अब तक छोड़ी नहीं।
मैं टूट के भी तेरा ही रहा,
ये इश्क़ मुझमें मरा ही नहीं।
तू नाम बनके साँसों में है,
तू चीख़ बनके ख़ामोशी में है।
मैं जी तो रहा हूँ, मगर जीता नहीं,
तू गई तो मुझमें मैं बचा ही नहीं।
तू लौट आ...
अगर सुन रही है कहीं...
मेरे दिल का दर
बंद हुआ ही नहीं...
[Outro]
तू लौट आ...
बस एक दफ़ा...
मैं आज भी वहीं हूँ...
जहाँ छोड़ गई थी मुझे...
तू लौट आ...© 2026 TATVABEATZ™. Lyrics are displayed for the official track page.