The Eternal Absolute cover art

Official Lyrics

Trident Invocation

Official Hindi lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameTrident Invocation
Album TitleThe Eternal Absolute
Lyrics LanguageHindi

Hindi

Trident Invocation Lyrics

From album The Eternal Absolute

[VERSE 1] ब्रह्मा, मुरारी, देव सभी, जिनको शीश नवाएँ, निर्मल ज्योति से शोभित, जो पावन छवि बिखराएँ। जन्म से उपजे दुःखों का, जो करते हैं अवसान, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ देव-मुनि, श्रेष्ठ ऋषि सभी, जिनको शीश नवाएँ, काम को दहन करने वाले, करुणा-धार बहाएँ। रावण के अभिमान का, जो करते हैं अवसान, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ [CHORUS] सदाशिव लिंग! ज्योति अपार! सदाशिव लिंग! सृष्टि-आधार! दुःख का विनाश! पापों का अंत! हर हर महादेव! शिव अनंत! उस सदाशिव लिंग को— मैं करता हूँ प्रणाम! हर हर महादेव! हर हर महादेव! [VERSE 2] सुगंधित सुंदर लेपों से, जिनकी शोभा छाए, बुद्धि-विवेक बढ़ाने वाले, ज्ञान-ज्योति जगाएँ। सिद्ध, सुर और असुर सभी, जिनको शीश नवाएँ, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ स्वर्ण-महामणियों से भूषित, जिनकी शोभा छाए, नागराज लिपटे जिन पर, शोभा और बढ़ाएँ। दक्ष के महायज्ञ का, जो करते हैं अवसान, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ [CHORUS] सदाशिव लिंग! ज्योति अपार! सदाशिव लिंग! सृष्टि-आधार! दुःख का विनाश! पापों का अंत! हर हर महादेव! शिव अनंत! उस सदाशिव लिंग को— मैं करता हूँ प्रणाम! हर हर महादेव! हर हर महादेव! [VERSE 3] कुमकुम-चंदन से लेपित, जिनकी शोभा छाए, कमल-माल से सुशोभित, जिनकी छटा सुहाए। संचित सारे पापों का, जो करते हैं अवसान, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ देवगण जिनकी पूजा-सेवा, नित्य ही हैं करते, भाव और भक्ति से जिनका, नित आराधन करते। कोटि सूर्यों के समान, जिनका दिव्य प्रकाश, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ [CHORUS] सदाशिव लिंग! ज्योति अपार! सदाशिव लिंग! सृष्टि-आधार! दुःख का विनाश! पापों का अंत! हर हर महादेव! शिव अनंत! उस सदाशिव लिंग को— मैं करता हूँ प्रणाम! हर हर महादेव! हर हर महादेव! [VERSE 4] अष्टदल कमलों से घिरे, जिनकी शोभा छाए, सारी सृष्टि की उत्पत्ति के, जो हैं मूल कारण। आठों प्रकार की दरिद्रता का, जो करते हैं अवसान, उस सदाशिव लिंग को, मैं करता हूँ प्रणाम॥ [CHORUS] सदाशिव लिंग! ज्योति अपार! सदाशिव लिंग! सृष्टि-आधार! दुःख का विनाश! पापों का अंत! हर हर महादेव! शिव अनंत! उस सदाशिव लिंग को— मैं करता हूँ प्रणाम! हर हर महादेव! हर हर महादेव! सदाशिव लिंग! ज्योति अपार! सदाशिव लिंग! सृष्टि-आधार! दुःख का विनाश! पापों का अंत! हर हर महादेव! शिव अनंत!