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Cosmic Tandav Lyrics
From album The Eternal Absolute
[INTRO]
डम-डम डमरू गूँजे,
नाचे त्रिभुवन सारा।
जटा में बहती गंगा,
कंठ सर्प-हारा॥
हर-हर महादेव शंभू,
कर दो कल्याण॥
[Verse 1]
जटा-वाटिका में गंगा,
लहर-लहर मुस्काती है।
भाल-अग्नि धग-धग जलती,
दिव्य प्रभा बरसाती है॥
शीश सुशोभित बाल-चंद्र,
शीतल करता जहान।
हिमगिरि-कन्या के प्रिय शंभू,
सबके पालनहार॥
गले विराजे नागमाला,
दिगंबर वैरागी।
डमरू-नाद पर नृत्य रचाते,
आदि योग-अनुरागी॥
फणि-मणियों की दिव्य किरण से,
दीप्त हुआ आकाश।
गजचर्म धारण विश्वनाथ,
करुणा का प्रकाश॥
[Chorus]
डम-डम डमरू गूँजे,
नाचे त्रिभुवन सारा।
त्रिनेत्र जगे तो मिट जाए,
माया का अंधियारा॥
हर-हर महादेव शंभू,
हर-हर महादेव।
हर-हर महादेव शंभू,
कर दो कल्याण॥
[Verse 2]
भालपट्ट की धधकती ज्वाला,
काम हुआ भस्म समान।
महाकपाली महातपस्वी,
त्रिलोचन भगवान॥
इंद्रादिक शीश नवाते,
चरण-रज का मान।
चंद्रशेखर विश्व-वंदित,
अनंत तुम्हारा गान॥
मेघ-श्याम नीलकंठ प्रभु,
विश्व-विष धारणकारी।
त्रिपुर-विजेता अंधक-घाती,
जग के पालनहारी॥
कामांतक, पुरांतक,
भव-बंधन के छेद।
मृत्युंजय शिव शंभू,
तुमको बारंबार प्रणाम॥
[BREAKDOWN]
धिमि-धिमि मृदंग बजे,
डम-डम डमरू ध्वनि।
तांडव करते नटराज,
काँपे धरा गगन॥
भाल-अग्नि की ज्वाला से,
जल जाए अभिमान।
नाचे शिव जब प्रलय उठे,
डोले सकल जहान॥
[BRIDGE]
पत्थर-शय्या, रत्न-सिंहासन,
दोनों एक समान।
राजा, रंक, तृण और कमल,
सबमें एक भगवान॥
कब गंगा के तट बैठूँ,
जपूँ तुम्हारा नाम।
"शिव-शिव" मंत्र हृदय में गूँजे,
मिल जाए विश्राम॥
[FINAL CHORUS]
प्रचंड अग्नि-सी ज्योति तुम्हारी,
जग को राह दिखाए।
शिव-शिव नाम अमर रहे,
हर अंधकार मिटाए॥
जो श्रद्धा से नित गुनगाए,
निर्मल हो मन-प्राण।
भक्ति जागे, मोह मिटे,
बरसे शिव वरदान॥
डम-डम डमरू गूँजे,
नाचे त्रिभुवन सारा।
जटा में बहती गंगा,
कंठ सर्प-हारा॥
त्रिनेत्र जगे तो मिट जाए,
माया का अभिमान।
हर-हर महादेव शंभू,
कर दो कल्याण॥
हर-हर महादेव शंभू,
कर दो कल्याण॥
हर-हर महादेव...
हर-हर महादेव शंभू,
कर दो कल्याण॥© 2026 TATVABEATZ™. Lyrics are displayed for the official track page.