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Raksha Kavach Lyrics
From album Navshakti
[INTRO]
ॐ नमश्चण्डिकायै, रक्षा कर भवानी,
तन-मन-प्राण तुम्हारे, जय माँ जगकल्याणी।
[VERSE 1]
शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघण्टा माता,
कूष्माण्डा, स्कन्दमाता, कात्यायनी त्राता।
कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री रानी,
नौ रूपों में रक्षा करती एक शक्ति भवानी।
[VERSE 2]
अग्नि, शत्रु, रण या संकट, नाम तुम्हारा तारें,
चामुण्डा से ब्राह्मी तक सब मातृशक्ति सँवारें।
शंख, चक्र, गदा, त्रिशूल से दुष्टों को संहारो,
भक्तों को निर्भय कर माता, हर विपदा से तारो।
[CHORUS]
रक्षा कर माँ, रक्षा कर माँ,
चारों ओर भवानी।
आगे-पीछे, ऊपर-नीचे,
रक्षा कर कल्याणी।
[VERSE 3]
पूरब-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण, दसों दिशा बचाना,
जया-विजया, अजिता-अपराजिता, चारों ओर समाना।
शीश से चरण, रक्त से अस्थि, हर अंग तुम्हीं संभालो,
जो भी रह जाए नाम से माता, उस पर कवच तुम डालो।
[VERSE 4]
मन, बुद्धि, अहंकार बचाओ, पाँचों प्राण सँभालो,
यश, कीर्ति, लक्ष्मी, कुल-संतति पर कृपा तुम डालो।
घर, परिवार, मार्ग और जीवन, सबकी रक्षा करना,
दृश्य-अदृश्य हर बाधा का माँ तुम अंत ही करना।
[BRIDGE]
रोग, विष, ग्रह, भय और बाधा, तेरे नाम से जाएँ,
भूत-पिशाच और अंधियारे तेरी ज्योति से मिट जाएँ।
[FINAL VERSE]
श्रद्धा से जो कवच धरे माँ, निर्भय जीवन पाए,
लाभ, विजय, यश, शुभ मनोरथ तेरी कृपा से पाए।
कवच धरे फिर चण्डी गाए, वंश रहे सुखकारी,
अंत समय तेरी शरण मिले—मुक्ति दे महतारी।
[FINAL CHORUS]
रक्षा कर माँ, रक्षा कर माँ,
दुर्गे जगकल्याणी।
तन-मन-प्राण, दिशा-दिशा में,
तू ही एक भवानी।
ॐ नमश्चण्डिकायै...
जय माँ चण्डिके...© 2026 TATVABEATZ™. Lyrics are displayed for the official track page.