Navshakti cover art

Official Lyrics

Jai Maa Bhawaani

Official Hindi lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameJai Maa Bhawaani
Album TitleNavshakti
ArtistQuantum Mantra, Nyra Neo, Vihaan Vectra & DJ Litti Chokha
Lyrics LanguageHindi

Hindi

Jai Maa Bhawaani Lyrics

From album Navshakti

[INTRO] अयि गिरिनन्दिनि... शैलसुते... हे जगजननी... आदिशक्ति... तेरी ज्योति से जागे धरा, तेरी शक्ति से साँसें भरीं... [MALE] पर्वत की बेटी, जग की जननी, तेरा ही प्रकाश हर दिशा में। शिव की शक्ति, विष्णु की माया, तेरा ही विस्तार हर श्वास में। [FEMALE] विन्ध्य-हिमालय तेरा आँगन, चन्द्र-सा उजला तेरा रूप। करुणा बनकर जग में बहती, रण में बनती अग्नि स्वरूप। [PRE-CHORUS] मधु-कैटभ का मान मिटाया, दानव-दल का गर्व झुकाया। जब-जब धर्म पुकारे तुझको, माँ तूने फिर रूप दिखाया। [CHORUS] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय आदिशक्ति भवानी। अंधकार को चीर के आती, जग की ज्योति भवानी। जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय पर्वत की रानी। तेरे चरणों में भय भी हारे, जय जगजननी भवानी। [VERSE 2] रण में उठी तो दिशाएँ काँपीं, शत्रु के अभिमान गिरे। तेरी भुजा के एक प्रहार से, अधर्म के अरमान गिरे। [FEMALE] धूम्रलोचन एक हुंकार में, तेरी ज्वाला में खो गया। रक्तबीज की हर एक बूंद का, जन्म वहीं पर सो गया। [MALE] शुम्भ-निशुम्भ का गर्व मिटाकर, धर्म की ध्वजा उठाई। मृत्यु भी तेरी राह न रोके, ऐसी शक्ति दिखाई। [DUET BUILD] तेरी आँखों में अग्नि प्रखर, तेरे हृदय में दया अपार। दुष्टों के लिए काल बनी तू, भक्तों के लिए खुला द्वार। [CHORUS] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय आदिशक्ति भवानी। अंधकार को चीर के आती, जग की ज्योति भवानी। जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय पर्वत की रानी। तेरे चरणों में भय भी हारे, जय जगजननी भवानी। [INSTRUMENTAL / VOCAL CHANT] महिषासुरमर्दिनि... दुर्गे... दुर्गे... आदिशक्ति... भवानी... [VERSE 3] कमल-सा मुख, चन्द्र-सी आभा, नयनों में आकाश बसे। तेरे चरणों की धूल मिले तो, जीवन में विश्वास बसे। सूर्य का तेज भी तुझसे माँगे, चन्द्र तुझी से शीतलता। तीनों लोक तेरी ही छाया, तुझसे जग की पूर्णता। कार्तिकेय की जननी माता, ज्ञान की तू गहराई। राजा सुरथ, समाधि ने तेरी, शरण में मुक्ति पाई। [DUET] जो तेरे चरणों को थामे, उसका कौन बिगाड़े माँ? जिसके सिर पर हाथ हो तेरा, उसको कौन पुकारे माँ? [BRIDGE] मैं दीन खड़ा तेरे द्वारे, मन का बोझ उतारूँ माँ। जो तेरे हित उचित हो मेरे, वही मुझे स्वीकार माँ। क्रोध मिटा दे, भय मिटा दे, मन का अंधकार मिटा। अपने चरणों में स्थान देकर, जीवन का संताप मिटा। [DUET] तू करुणा है... तू ही शक्ति... तू आरम्भ... तू ही मुक्ति... [FINAL CHORUS] जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय आदिशक्ति भवानी। अंधकार को चीर के आती, जग की ज्योति भवानी। जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, जय पर्वत की रानी। तेरे चरणों में भय भी हारे, जय जगजननी भवानी। जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, दुर्गे, शिवे, कल्याणी। शुम्भ-निशुम्भ विनाशिनी माता, जय जगजननी भवानी। [OUTRO] अयि गिरिनन्दिनि... महिषासुरमर्दिनि... जय माँ... जय भवानी... आदिशक्ति... जय भवानी...