Karwa Chauth (Tumhe Hi Chunaa) cover art

Official Lyrics

Karwa Chauth (Tumhe Hi Chunaa)

Official Hindi lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameKarwa Chauth (Tumhe Hi Chunaa)
Lyrics LanguageHindi

Hindi

Karwa Chauth (Tumhe Hi Chunaa) Lyrics

[Intro] भोर की ख़ामोशी में तेरा चेहरा जागा, सरगी के हर कौर ने तेरा नाम माँगा। नींद अधूरी, दिल था पूरा, आज की हर दुआ में बस तू ही तू था। [Verse 1] ना ये भूख की रस्म है, ना प्यास का फ़साना, तेरे संग जो उम्र मिली, बस उसको है निभाना। कभी रूठे, कभी बिखरे, फिर भी साथ रहा, हर शिकवे से गहरा अपना ये एहसास रहा। तेरी हँसी मेरी राहत, तेरी ख़ुशी मेरी चाह, तेरी सलामती माँगे दिल, हर सुबह हर राह। आज ख़ुद से पहले तुझको दिल ने फिर से चुना, एक दिन की इस प्यास में सदियों सा इश्क़ जिया। [Pre-Chorus] तेरा होना मेरी राहत, तेरा साथ मेरी दुआ, चाँद से बस इतना माँगा— तू रहे, मैं रहूँ यहाँ। [Chorus] चाँद तक तेरे नाम का ये व्रत मैंने थाम लिया, तेरी साँसों की सलामती रब से मैंने माँग लिया। ना जाने कैसी डोर है, ना दिखे फिर भी दरमियाँ, हर बदलते मौसम में दिल ने फिर से तुम्हें चुना। तुम्हें ही चुना, तुम्हें ही चुना, वक़्त ने जितना बदला हमको, दिल ने उतना तुमको चुना। [Verse 2] तेरी थकती आँखों में भी मुझको अपना नूर मिला, तेरी ख़ामोश मोहब्बत में मेरा पूरा घर मिला। तू मेरी उम्र माँगती रही, मैं कितना कम समझा, तेरी हर अनकही बात को आज दिल ने फिर पढ़ा। तेरे ख़्वाब भी मेरे जितने, तेरी राह भी उतनी बड़ी, तेरी हँसी की रखवाली अब मेरी भी ज़िम्मेदारी। तेरी प्यास अकेली क्यों हो, तेरा इंतज़ार अकेला क्यों, तू मेरे लिए जो ठहरी है, मैं तेरे साथ न ठहरूँ क्यों। [Pre-Chorus] तूने मेरी उम्र को अपनी दुआ में रख लिया, मैंने तेरी हर ख़ुशी को अपनी वजह कर लिया। [Chorus] चाँद तक तेरे नाम का ये व्रत हमने थाम लिया, एक ने माँगी उम्र दूजे की, एक ने दिल ही नाम किया। ना जाने कैसी डोर है, ना दिखे फिर भी दरमियाँ, हर बदलते मोड़ पे हमने फिर से एक-दूजे को चुना। [Bridge] ना मेहंदी, ना कोई ज़ेवर, ना कोई रस्म बताती है, दिल से दिल की जो राह बने वही मोहब्बत कहलाती है। शायद दुआ, शायद वफ़ा, शायद रब की मेहरबानी, दो अधूरी धड़कनों ने लिख दी अपनी एक कहानी। [Moonrise] छलनी में पहले चाँद दिखा, फिर तेरा चेहरा सामने, एक तरफ़ था रात का आलम, एक तरफ़ तू मेरी नज़र में। अर्घ्य के जल में काँप रही थी बरसों की एक दुआ, आज भी उसका मतलब तू था, कल भी उसका मतलब तू। [First Sip] तेरे हाथों से पहला घूँट मेरी रूह तक उतर गया, एक दिन की सारी प्यास में बरसों का इश्क़ बिखर गया। मेरी उम्र अगर लंबी हो, तेरी बाँहों के साथ हो, तेरी उम्र भी उतनी लंबी, हर सुबह मेरी तेरे पास हो। [Final Chorus] मैं नहीं माँगूँ मेरी उम्र तेरे हिस्से में ढल जाए, मैं ये माँगूँ तेरी मेरी उम्र साथ ही चल जाए। साथ जवानी, साथ सफ़ेदी, साथ हँसी, साथ इंतज़ार, हर करवा चौथ यही कहे—हर दिन चुनना ही है प्यार। तुम्हें ही चुना, मुझे ही चुना, चाँद की उस रोशनी में हमने फिर से हमें चुना। [Outro] चाँद वही था, रात वही थी, फिर भी सब कुछ नया लगा, एक ही रिश्ता, एक ही चेहरा—हर बार पहली दफ़ा लगा।