Jinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam) cover art

Official Lyrics

Wahan Mere Shyaam Khade The

Official Hindi lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameWahan Mere Shyaam Khade The
Album TitleJinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam)
Lyrics LanguageHindi

Hindi

Wahan Mere Shyaam Khade The Lyrics

From album Jinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam)

[INTRO] मैं हार के आया था, कुछ भी नहीं बचा था, सब रास्ते बंद थे, दिल भी कहीं थका था। बस नाम आपका लेकर, मैं आपके दर आया, जो कह न सका दुनिया से, वो आपसे कह पाया। [VERSE 1] जिन सपनों को थामे था, वो हाथों से छूट गए, जिन लोगों को अपना समझा, वो वक़्त पड़ा तो दूर गए। मैं खुद से भी हार चुका था, उम्मीद कहीं सोई थी, मेरी आँखों में रात बहुत थी, पर लौ अभी भी कोई थी। आपने कुछ कहा नहीं, बस दिल को संभलने दिया, मैं गिरा हुआ था भीतर से, आपने फिर चलने दिया। [PRE-CHORUS] दुनिया ने कहा—अब क्या बदलेगा, जो लिखा है, वही रहेगा, मैंने बस इतना मान लिया— जहाँ श्याम हैं, राह बनेगा। [CHORUS] जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे, जहाँ सारे दर बंद हुए, वहाँ आपके रास्ते थे। जिसे दुनिया ने अंत कहा, वहीं से कदम बढ़े थे, जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे। [POST-CHORUS] वहाँ मेरे श्याम खड़े थे... वहाँ मेरे श्याम खड़े थे... [VERSE 2] कुछ बदला बाहर धीरे-धीरे, कुछ पहले मुझमें बदला, जिस डर ने साँसें बाँध रखीं, उस डर का चेहरा बदला। कल तक जो पत्थर लगता था, वो रास्ता बनने लगा, जो नामुमकिन लिख दिया था, वो फिर से बदलने लगा। आपने हर हार मिटाई नहीं, पर हार से डरना छूटा, मैं किस्मत से लड़ता कब था— बस खुद से लड़ना छूटा। [PRE-CHORUS] जो लेख सभी अंतिम समझें, उस लेख से आप बड़े, जहाँ इंसान की सीमा आए, वहाँ आपकी कृपा खड़ी। [CHORUS] जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे, जहाँ सारे दर बंद हुए, वहाँ आपके रास्ते थे। जिसे दुनिया ने अंत कहा, वहीं से कदम बढ़े थे, जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे। [BRIDGE] भक्तों का विश्वास यही— आप लेख बदल भी सकते हैं, जहाँ उम्मीद दम तोड़ रही हो, वहाँ साँसें पलट भी सकते हैं। जहाँ जीवन की डोर लगे अब हाथों से छूट रही, वहीं आपका नाम पुकारे— तो आस फिर से जाग उठी। ये दावा मेरा नहीं, ये विश्वास पुराने हैं, हारे हुए कितने दिलों के आप ही तो सहारे हैं। [BUILD] आपके दर का असली ठाठ सोना, चाँदी, हार नहीं, टूटा जो सिर झुका के आए— वो लौटे फिर लाचार नहीं। [FINAL CHORUS] जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे, जहाँ सारे दर बंद हुए, वहाँ आपके रास्ते थे। जिसे दुनिया ने अंत कहा, वहीं से कदम बढ़े थे, जहाँ किस्मत हार गई, वहाँ मेरे श्याम खड़े थे। मैं हार के आया था, अब हार से डरता नहीं, जो हाथ आपका थाम लिया— अब खुद से हारता नहीं। जहाँ किस्मत हार गई... वहाँ मेरे श्याम खड़े थे। [OUTRO] मैं हार के आया था... पर हार कर लौटा नहीं।