Jinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam) cover art

Official Lyrics

Haar Mei Aap Milte Hain

Official Hindi lyrics published by TATVABEATZ™.

Track NameHaar Mei Aap Milte Hain
Album TitleJinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam)
Lyrics LanguageHindi

Hindi

Haar Mei Aap Milte Hain Lyrics

From album Jinhe Shri Krishn Ne Shyaam Kaha (Khatoo Shyaam)

[INTRO] जब तक राहें आसान थीं, सब अपने-से लगते थे, एक ठोकर क्या लग गई, चेहरे बदलने लगते थे। [VERSE 1] जब हाथों में जीत रही, सब हाथ पकड़ने आए, वक़्त ज़रा-सा रूठ गया, सब रास्ता बदलते पाए। जिनको अपना मान लिया, वो हाल भी पूछ न पाए, मैं चुप होकर बैठा था, आप मेरे पास चले आए। [PRE-CHORUS] ना पूछा क्यों मैं हारा, ना मेरा हिसाब लिया, मैंने बस नाम पुकारा— आपने मुझे थाम लिया। [CHORUS] जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं, जब सब छोड़ के जाते हैं, श्याम, आप साथ चलते हैं। टूटे मन की चुप राहों में, आप दीप-से जलते हैं, जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं। [POST-CHORUS] हार में आप मिलते हैं... श्याम... हार में आप मिलते हैं... [VERSE 2] जब कोशिशें बेअसर हों, और अपने नज़र चुराएँ, जब घर के अनकहे सवाल रातों को सोने न पाएँ। जब ख़ुद पे भरोसा टूटे, हर रास्ता मुश्किल लगे, मैंने आँखें मूँद के बस आपका नाम लिया। मुश्किल वहीं रही शायद, रात भी उतनी लंबी थी, पर दिल जो चलना भूल गया— उसमें फिर हिम्मत जागी थी। [PRE-CHORUS] दुनिया ने जीत से नापा, आपने दर्द पहचाना, मैं ख़ुद से दूर हुआ तो, आपने हाथ बढ़ाया। [CHORUS] जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं, जब सब छोड़ के जाते हैं, श्याम, आप साथ चलते हैं। जो दर्द किसी से कह न सकूँ, आप बिना कहे पढ़ते हैं, जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं। [BRIDGE] हर बार मुझे जीत मिले, ऐसा वरदान नहीं, हारूँ तो टूट न जाऊँ— बस इतनी कृपा सही। दुनिया चाहे मुँह मोड़े, आप पास बने रहना, जब मुझको मैं भी छोड़ूँ, आप हाथ पकड़े रहना। [BUILD] अब समझा इस दुनिया में क्यों नाम आपका रहता है, जीत में मेले लगते हैं— हार में श्याम ही रहता है। [FINAL CHORUS] जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं, जब सब छोड़ के जाते हैं, श्याम, आप साथ चलते हैं। टूटे मन की हर धड़कन में, आप हौसला भरते हैं, जीत में दुनिया मिलती है, हार में आप मिलते हैं। जब अपने भी मुँह मोड़ें, आप पास ही रहते हैं, जीत में दुनिया मिलती है— हार में आप मिलते हैं। हार में आप मिलते हैं... श्याम... हार में आप मिलते हैं... [OUTRO] जब सब छोड़ जाएँ... एक नाम रह जाता है... श्याम।