Hindi
Sheher E Khamoshi Lyrics
From album Darmiyaan (Jo Reh Gaya)
[INTRO - INSTRUMENTAL]
[VERSE 1]
रात की सीढ़ियों पे
तेरा साया रह गया
बंद दरवाज़ों में
एक वादा रह गया
रास्ते वही मगर
हम कहाँ से खो गए
एक पल के फ़ासले
एक जहाँ से हो गए
[PRE-CHORUS]
जो कह न सके थे
हवा कह रही
जो रोक न सके हम
वो घड़ी बह रही
[CHORUS 1]
इस शहर-ए-ख़ामोशी में
तेरी आहट ढूँढता हूँ
हर बुझी सी रोशनी में
अपना कल ढूँढता हूँ
तू नहीं तो क्या हुआ
मैं तुझे इल्ज़ाम न दूँ
जो मेरा था एक दिन
आज उसको आज़ाद कर दूँ
[INSTRUMENTAL]
[VERSE 2]
खिड़कियों पे बारिशों ने
नाम सा कुछ लिख दिया
मैंने हाथ बढ़ाया तो
पानी ने मिटा दिया
कितने मौसम आ गए
कितने रास्ते मुड़ गए
हम किसी के हो गए
पर निशाँ कुछ रह गए
[PRE-CHORUS 2]
जो कह न सके थे
हवा कह रही
जो बीत भी गया है
कहीं रह गया यहीं
[CHORUS 2]
इस शहर-ए-ख़ामोशी में
तेरी आहट ढूँढता हूँ
हर बुझी सी रोशनी में
अपना कल ढूँढता हूँ
तू नहीं तो क्या हुआ
मैं तुझे इल्ज़ाम न दूँ
जो मेरा था एक दिन
आज उसको आज़ाद कर दूँ
[INSTRUMENTAL]
[BRIDGE]
कुछ कहानियाँ मुकम्मल
होके भी होती नहीं
कुछ मोहब्बत दूर जाकर
दिल से कभी जाती नहीं
जो था तेरा, रहने दिया
जो था मेरा, जान लिया
एक दरवाज़ा बंद हुआ
मैंने ख़ुद को पा लिया
[FINAL CHORUS]
इस शहर-ए-ख़ामोशी में
अब मैं ख़ुद को ढूँढता हूँ
तेरी यादों से परे
एक नया दिन ढूँढता हूँ
तू नहीं तो क्या हुआ
मैं तुझे इल्ज़ाम न दूँ
जो मेरा था एक दिन
आज उसको आज़ाद कर दूँ
इस शहर-ए-ख़ामोशी में
अब मैं ख़ुद को ढूँढता हूँ
रात जितनी भी रहे
मैं सवेरा ढूँढता हूँ
[OUTRO]
शहर-ए-ख़ामोशी में...
मैं सवेरा ढूँढता हूँ...© 2026 TATVABEATZ™. Lyrics are displayed for the official track page.