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Biwi Puraan (Har Ghar Ki Gatha) Lyrics
From album Biwi Puraan
[मंगलाचरण]
श्री गृहलक्ष्मी कथा सुनाऊँ,
पति जन को सतमार्ग दिखाऊँ।
जिनके आगे तर्क न चलता,
उनका यश संसार में पलता।
जय हो बीवी महारानी,
घर की अद्भुत राजरानी।
उनकी लीला कौन बखाने,
पति बेचारा शीश नवाने।
[समूह प्रत्युत्तर ]
**बोलो बीवी महारानी की—जय!**
**गृह-संसार की स्वामिनी की—जय!**
[चौपाई 1]
सुबह-सुबह आदेश सुनावे,
“चाय कहाँ है?” प्रश्न उठावे।
पति कहे “बस अभी बनाता,”
तब तक दूजा काम बताता।
चाबी, चश्मा, फोन न पाए,
दोष पति के माथे आए।
वस्तु मिले जब पास पड़ी हो,
बोले—“देखो आँखें बड़ी हो!”
[ध्रुवपद]
जय बीवी, जय बीवी, जय घर की सरकार,
इनके आगे फीका पड़ता हर तर्क-विचार।
जय बीवी, जय बीवी, महिमा अपरंपार,
पति रहे अनुशासन में तो सुखी रहे परिवार।
[चौपाई 2 ]
“कुछ नहीं” जब मुख से निकले,
समझो संकट द्वार पे दिखले।
पति पूछे—“क्या बात हुई है?”
उत्तर आए—“तुमको क्या है?”
फिर वह सोचे रात बिताकर,
कौन-सा अपराध हुआ है जाकर।
सही जवाब यदि मिल न पाए,
पुराने पाप भी याद दिलाए।
[समूह प्रत्युत्तर]
**हे पति देव, धैर्य धरिए!**
**उत्तर सोच-समझकर करिए!**
[चौपाई 3]
बाहर जाना जब ठहराया,
पति ने जूता शीघ्र लगाया।
बीवी बोली—“बस दो मिनट,”
घड़ी ने काटे पूरे सिक्स्टी मिनट।
एक तस्वीर, फिर दस बनवाए,
“इसमें अच्छे नहीं हम आए!”
पति कहे—“सब सुंदर लगती,”
बोले—“झूठी तारीफ़ न चलती!”
[ध्रुवपद]
जय बीवी, जय बीवी, जय घर की सरकार,
इनके आगे फीका पड़ता हर तर्क-विचार।
जय बीवी, जय बीवी, महिमा अपरंपार,
इनकी हँसी से खिल उठता अपना ये संसार।
[वाद्य अंतराल]
[चौपाई 4 | हास्यपूर्ण प्रवचन शैली]
रीमोट इनके हाथ विराजे,
सीरीअल इनके मन को भाए।
पति बदले चैनल जो चोरी,
दृष्टि पड़े तो शाम हो भारी।
एसी कम हो, पंखा ज्यादा,
हर मौसम का नया इरादा।
पति ने पूछा—“ठंड नहीं है?”
बोली—“तुमको समझ कहीं है?”
[अंतिम उपदेश]
ऐसी इनकी लीला न्यारी,
कभी कठोर, कभी अति प्यारी।
झगड़ा हो तो घर गरमाए,
हँस दें तो सब फूल खिलाए।
घर की धड़कन, घर की वाणी,
यही हमारी महारानी।
तर्क बहुत हैं, प्रेम प्रधान,
यही कहता **बीवी पुराण**।
[महाआरती समापन]
आरती बीवी जी की उतारो,
हँसते-हँसते दिन गुजारो।
रूठें तो प्रेम से मनाना,
जीत न पाओ—हार ही जाना!
जय बीवी, जय बीवी, घर की शान,
इनसे चलता अपना जहान।
हँसी, नोकझोंक, प्रेम महान—
अमर रहे ये **बीवी पुराण!**
[अंतिम जयकारा]
**बोलो घर की महारानी की—जय!**
**बीवी पुराण की—जय! जय! जय!**© 2026 TATVABEATZ™. Lyrics are displayed for the official track page.